eid mubarak 2021 | ईद मुबारक त्योहार का बधाई सन्देश मुसलमानों का सबसे बड़ा त्योहार।

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eid mubarak 2021 | ईद मुबारक त्योहार का बधाई सन्देश मुसलमानों का सबसे बड़ा त्योहार।

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eid mubarak 1442 साल से इसे मनाया जा रहा है ।  यह दिन अपने लिए दुआएं बटोरने और दूसरों के लिए दुआएं बांटने का पाक दिन है। ईद अल्लाह की इबादत का दिन है ।

ईद मुबारक 2021

ईद का त्योहार मुसलमानों का सबसे बड़ा त्योहार है। इसे ईद-उल-फितर कहा जाता है। ईद रमजान के रोजों के बाद, जो चांद निकलता है, उसके पहले दिन मनाई जाती है। पैगम्बर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद  स. ने तमाम मुसलमानों को यह हुक्म दिया है कि वे दो त्योहार मनाएं। एक, ईद-उल-फितर, दूसरा ईद-उल-अजहा।  यह एक तरह से अल्लाह की इबादत का दिन है। 1442 साल से यह त्योहार बराबर मुसलमान सारी दुनिया में मनाते हैं । ईद-उल-फितर अल्लाह के शुक्र का दिन है। दुआ करने का दिन है। दूसरों की दुआएं लेने का दिन है। प्यार-मोहब्बत बांटने का दिन है।

मुस्लिम दुनिया भर में ईद उल-अधा और ईद उल-फितर के लिए कई अन्य नमस्कार हैं। पैगंबर मुहम्मद के साथियों ने ईद उल-फितरः ताकिब्लाल्हु मिन्ह वाई मिंकम (जिसका अर्थ है “[मई] भगवान ने हमें और तुम [हमारे उपवास और कर्म] से स्वीकार करते हुए एक-दूसरे से कहा था”)। मुस्लिम दुनिया भर में, ईद शुभकामनाएं में विविधताएं मौजूद हैं।

ईद मुबारक बधाई संदेश | ईद की बधाई शायरी

  • तू मेरी दुआओं में शामिल है इस तरह; फूलों में होती है खुशबू जिस तरह; अल्लाह तुम्हारी ज़िन्दगी में इतनी खुशियां दे; ज़मीन पर होती है बारिश जिस तरह। ईद मुबारक
  • सदा हंसते रहो जैसे हंसते हैं फूल, दुनिया के सारे गम तुम जाओ भूल, चारों तरफ फ़ैलाओ खुशियों के गीत, इसी उम्मीद के साथ तुम्हें मुबारक हो ईद। ईद मुबारक
  • चुपके से चांद की रौशनी छू जाए आपको, धीरे से ये हवा कुछ कह जाए आपको, दिल से जो चाहते हो मांग लो खुदा से, हमारी दुआ है इस ईद वो मिल जाए आपको आप सभी को ईद की मुबारकबाद
  • तमन्ना आपकी सब पूरी हो जाए, हो आपका मुकद्दर इतना रोशन की, आमीन कहने से पहले ही आपकी हर दुआ कबूल हो जाए। ईद मुबारक
  • आग़ाज़ ईद है, अंजाम ईद है; सच्चाई पे चलो तो हर ग़म ईद है; जिसने भी रखे रोज़े; उन सब के लिए अल्लाह की तरफ से इनाम ईद है।

ईद वाले दिन मुसलमान अच्छे कपड़े पहनकर, पाक-साफ होकर अल्लाह की तकबीर पढ़ते हुए ईदगाह या मस्जिदों की तरफ जाते हैं। वहां पर इमाम के साथ ईद की दो रकात नमाज पढ़ते हैं और अल्लाह ताल्हा से दुआ करते हैं, गले मिलते हैं, एक-दूसरे को बधाई देते हैं। सेवइयां और मीठी चीजें घरों में बनाई जाती हैं। दोस्तों को मिठाई पेश की जाती है। ईद मिलने लोग अपने रिश्तेदारों के घर जाते हैं और अपने से छोटों को ईदियां बाटते हैं। इसका मतलब यह है कि मुसलमानों का यह त्योहार अल्लाह के नाम से शुरू होता है। यह अल्लाह के ईनाम का दिन होता है। यह मिठाइयां बांटने और खाने-खिलाने का दिन होता है। हर मुसलमान ईद की नमाज से पहले या ईद की नमाज के बाद फितरा गरीबों को देता है। तकरीबन पचास या सौ रुपए अपने परिवार के हर आदमी की तरफ से गरीबों को दिया जाता है । यह वाजिब है ।  इसको सदका फितर कहा जाता है और यह वाजिब है। वाजिब का मतलब यह जरूरी है। इतना कम से कम देना जरूरी है। इसका मतलब गरीबों को अपनी ईद में शामिल करना है।

13 या 14 मई ईद कब?

eid mubarak  का त्योहार हमेशा से ही चांद पर निर्भर करता है। चांद देखने के बाद ही ये पर्व मनाया जाता है। 11 मई, मंगलवार को सउदी अरब सहित खाड़ी देशों में चांद का दीदार करने की कोशिश की गई। लेकिन चांद नहीं दिखा।

 ईद उल फितर कब है?

इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, रमजान के बाद 10वें शव्वाल की पहली तारीख को ईद-उल-फितर मनाई जाती है। ये भी पड़े :Ramdan Time Table 2021 | रमजान टाइम टेबल 2021   

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